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समस्तीपुर मंडल में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की प्रथम बैठक, शुद्ध और सरल हिंदी के प्रयोग पर जोर

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समस्तीपुर। 18 मार्च 2026 को समस्तीपुर मंडल में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वर्ष 2026 की प्रथम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय मंडल रेल प्रबंधक, श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा द्वारा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी और व्यवस्थित प्रयोग को सुनिश्चित करना था।
बैठक की शुरुआत राजभाषा अधिकारी सह सहायक कार्मिक अधिकारी द्वारा की गई। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को वर्ष की कार्यसूची से अवगत कराते हुए बताया कि कार्यालयीन कार्यों में शुद्ध, सरल और व्यवहारिक हिंदी का प्रयोग कितना आवश्यक है। उनका कहना था कि हिंदी केवल संवैधानिक दायित्व नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी और पारदर्शी बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
इस अवसर पर अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी सह अपर मंडल रेल प्रबंधक, श्री सन्नी सिन्हा ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का व्यापक और सही प्रयोग प्रशासनिक कार्यों को जनता के अनुकूल बनाता है। इसके साथ ही, उन्होंने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विभागों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने हेतु नए सुझाव प्रस्तुत करें और इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा,
"समस्तीपुर मंडल पूर्णतः हिंदी भाषी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ आमजन अपने अधिकांश कार्य हिंदी में ही करते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि कार्यालयीन कार्यों में भी शुद्ध, सरल एवं व्यवहारिक हिंदी का प्रयोग बढ़ाया जाए, जिससे हिंदी का वास्तविक विकास एवं व्यापक प्रसार सुनिश्चित हो सके।"
अध्यक्ष महोदय ने कहा कि राजभाषा का सही और प्रभावी प्रयोग केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जनसंपर्क के माध्यम को भी सशक्त बनाए। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, नोटिंग, ड्राफ्टिंग, पत्राचार और कार्यालयीन दस्तावेजों में हिंदी का व्यापक और नियमित प्रयोग आवश्यक है।
बैठक में रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक कार्यसूची के अनुसार कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने अपने-अपने विभागों में हिंदी के वर्तमान प्रयोग की स्थिति से अवगत कराया और सुधार के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। प्रमुख सुझावों में यह शामिल था कि सभी विभागों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दी जाए, विशेष रूप से:
नोटिंग और पत्राचार में हिंदी का नियमित प्रयोग।
ड्राफ्टिंग और रिपोर्ट तैयार करने में सरल और व्यवहारिक हिंदी।
ऑफिसियल डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट पर हिंदी सामग्री का नियमित अद्यतन।
कार्मिक और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राजभाषा केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता के साथ संवाद को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। अध्यक्ष महोदय ने कहा कि जब प्रशासनिक कार्य सरल और स्पष्ट हिंदी में होंगे, तो आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का लाभ उठाना भी आसान हो जाएगा। इससे सरकारी कार्यालयों में कामकाज की गति, पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि होगी।
इस बैठक में समिति के सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँ। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को न केवल हिंदी के सही प्रयोग की जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों में इसका प्रयोग करने का अभ्यास भी कराया जाएगा।
अध्यक्ष महोदय ने इस दिशा में आगे बढ़ते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता के साथ-साथ जनसंपर्क भी सरल और प्रभावी बनेगा। उन्होंने उपस्थित सभी शाखाधिकारियों और विभाग प्रमुखों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने विभागों में हिंदी के प्रयोग की निगरानी करें और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करें।
बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई, जैसे कि:
हिंदी में प्रशिक्षण सामग्री का निर्माण और वितरण।
कार्यालयीन दस्तावेजों और रिपोर्टों का हिंदी में संकलन।
कर्मचारियों के दैनिक कार्यों में सरल और स्पष्ट हिंदी के प्रयोग के लिए मानक निर्देश जारी करना।
डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हिंदी सामग्री की अद्यतन स्थिति का निरीक्षण।
समाप्ति के अवसर पर राजभाषा अधिकारी सह सहायक कार्मिक अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य और शाखाधिकारी इस दिशा में निरंतर योगदान दें, ताकि समस्तीपुर मंडल में हिंदी का प्रभावी और व्यापक प्रयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इस बैठक में सभी शाखाधिकारी और विभाग प्रमुख उपस्थित थे, जिन्होंने सुझाव और विचार साझा किए। मंडल रेल प्रबंधक ने सभी को आश्वस्त किया कि समस्तीपुर मंडल में हिंदी के प्रयोग और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता के साथ संवाद भी अधिक सहज और सरल होगा।
समस्तीपुर मंडल द्वारा इस बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। भविष्य में भी मंडल द्वारा ऐसे कई प्रयास किए जाएंगे, जिनसे हिंदी का वास्तविक विकास सुनिश्चित हो सके और कार्यालयीन कार्य जनता के अनुकूल बन सकें।
समापन में यह स्पष्ट किया गया कि राजभाषा कार्यान्वयन समिति नियमित रूप से बैठकों का आयोजन करेगी और सभी शाखाओं में हिंदी के प्रयोग की स्थिति की निगरानी करेगी। इससे कर्मचारियों को मार्गदर्शन मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी का सही और व्यवहारिक प्रयोग सुनिश्चित होगा।

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